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इलेक्ट्रॉनिक्स और दूरसंचार विभाग

एनसीएल कोल इंडिया लिमिटेड की बेहतरीन सहायक कंपनियों में से एक है, जो एनसीएल मुख्यालय और अपने विभिन्न परियोजनाओं / इकाइयों के बीच प्रभावी डेटा एंड वॉयस संचार प्रदान करने में सक्षम है। विभिन्न आईटी पहलों / गतिविधियों के कार्यान्वयन के लिए दूरसंचार नेटवर्क एक बैकबोन है।

एनसीएल में इलेक्ट्रानिक्स और दूरसंचार गतिविधियां:
लैन / वैन नेटवर्क:

वास्तविक समय डेटा के निर्बाध प्रवाह के लिए एनसीएल मुख्यालय से अलग-अलग परियोजनाओं / इकाइयों / वेब्रिज तक और अंतिम मील कनेक्टिविटी के लिए और आईबीएस / कोलनेट / ईआरपी समाधानों के प्रभावी उपयोग के लिए, एनसीएल ने तीन लेयर वैन नेटवर्क स्थापित किया है जो कि इस प्रकार हैं:

लेयर 1: ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क (स्वयं स्थापित नेटवर्क): डेटा और वॉयस संचार के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल के माध्यम से यह नेटवर्क एनसीएल मुख्यालय और विभिन्न परियोजना / इकाई कार्यालयों के बीच मौजूद है।

लेयर 2: आईपी आधारित रेडियो संचार नेटवर्क (स्वयं स्थापित नेटवर्क):आईपी आधारित रेडियो नेटवर्क भी मुख्यालय और परियोजनाओं / इकाइयों के बीच वॉयस और डेटा संचार के लिए एक वैकल्पिक मीडिया के रूप में 100 एमबीपीएस अपलिंक और डाउनलिंक प्रति साइट के न्यूनतम बैंडविड्थ के साथ स्थापित किया गया है। यदि ऑप्टिकल फाइबर केबल क्षतिग्रस्त या डिस्कनेक्ट हो जाता है तो रेडियो सिस्टम स्वत: लोड अधिग्रहण करता है।

लेयर 3: लीज्ड ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क (एफओ और रेडियो का हाइब्रिड नेटवर्क):

ऑप्टिकल फाइबर केबल नेटवर्क के माध्यम से एनसीएल मुख्यालय और परियोजनाओं / इकाइयों को जोड़ने के लिए और परियोजनाओं / इकाइयों को वेब्रिज के साथ ऑप्टिकल फाइबर केबल और रेडियो बैकअप के साथ जोड़ने के लिए हाई स्पीड वैन कनेक्टिविटी 10 जीबीपीएस के साथ स्थापित की गई है। यह काम मैसर्स रेलटेल कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा किया गया है।

एनसीएल मुख्यालय से पूरे नेटवर्क की निगरानी नेटवर्क प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से की जा रही है।

इंटरनेट लीज्ड लाइन:

एनसीएल के अधिकारियो एवं कर्मचारियों को एनसीएल मुख्यालय के माध्यम से इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए इंटरनेट लीज़ लाइन तीन अलग-अलग इंटरनेट सेवा प्रदाताओं से लिया गया है जैसे कि 66 एमबीपीएस मैसर्स रेलटेल कारपोरेशन ऑफ़ इंडिया लिमिटेड द्वारा, 155 एमबीपीएस मैसर्स बीएसएनएल द्वारा और 20 एमबीपीएस मैसर्स पावर ग्रिड द्वारा उपलब्ध कराई जा रही है जो विभिन्न आईटी पहलों के कार्यान्वयन में मदद करता है।

टेलिफ़ोन एक्सचेंज:

कार्यालय और आवासीय परिसर में लैंडलाइन कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए मुख्यालय और सभी परियोजनाओं/खानों/इकाइयों में अलग-अलग टेलीफोन एक्सचेंज स्थापित किए गए हैं और प्रत्येक एक्सचेंज 400 से 1500 लाइन की उपलब्धता रखते हैं। मुख्यालय और परियोजनाओं/इकाइयों को मिला के कुल 7000 से भी अधिक कनेक्शन प्रदान किए गए हैं।

वीएचएफ वायरलेस कम्युनिकेशन:

एनसीएल की सभी खानों में समर्पित वीएचएफ वॉकी-टॉकी / वायरलेस संचार प्रदान किया गया है जो खानों में प्रभावी वायरलेस संचार के साथ-साथ तत्काल सूचना / निर्देशों के आगे संचरण में मदद करता है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग:

एनसीएल मुख्यालय से सीआईएल और सीआईएल की अन्य सहायक कंपनियों के बीच आईपी आधारित वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग सिस्टम की स्थापना की गई है। शीघ्र ही वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग प्रणाली की सुविधा एनसीएल मुख्यालय से क्षेत्रीय कार्यालयों के बीच भी स्थापित की जाएगी।

सी यू जी मोबाइल सुविधा:

मोबाइल संचार अर्थात वॉयस और डाटा सेवाओं के लिए नॉर्थन कोलफील्ड्स लिमिटेड के कर्मचारी को पोस्टपेड सिम प्रदान किया गया है।

शिकायत लॉजिंग सिस्टम:

उपर्युक्त वॉइस, डेटा और वीडियो संचार प्रणालियों के अलावा, एनसीएल ने आईटी पहल भी उठाया है जो कोयला संचलन, निगरानी और अन्य नई आईटी/संचार प्रणाली की निगरानी से संबंधित है:

कोयला परिवहन के लिए जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली:

एनसीएल में 1005 कोयला वाहनों के लिए और 23 वेबृज का एकीकरण लागू करने के लिए, जीपीएस आधारित वाहन ट्रैकिंग प्रणाली के साथ आरएफआईडी प्रणाली, बूम बैरियर, स्नैपशॉट के लिए कैमरे और मौजूदा वेब्रिज सिस्टम का एकीकरण किया गया है। यह प्रणाली कोयले की आवाजाही के नियंत्रण के लिए ट्रक और वेइब्रिज के स्वचालन की निगरानी करती है जो कोयले की चोरी की संभावनाओं को रोकती है।

सीसीटीवी सर्वेक्षण प्रणाली:

सीसीटीवी सर्वेक्षण प्रणाली का कार्य मैसर्स हनीवेल ऑटोमेशन लिमिटेड, कोलकाता द्वारा किया गया है। एनसीएल ने सीसीटीवी निगरानी प्रणाली शुरू की है जिसमें 550 आईपी आधारित कैमरों को शामिल किया गया है जिन्हें विभिन्न परियोजनाओं / इकाइयों के खदानों के महत्वपूर्ण स्थानों जैसे कि माइन एंट्री, निकास, स्टोर्स, वेबृज, सी एच पी, कार्यशालाएं, डीजल फिलिंग स्टेशन, बैरियर्स आदि में स्थापित किया गया है । यह प्रणाली सामग्रियों की चोरी को रोकने और खानों की सभी गतिविधियों की निगरानी में मदद करती है।