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वन विभाग

वर्ष 1985-86 से 31 मार्च 2017 तक एनसीएल के कोयला खदानों के अधिभार ढेर एवं समतल क्षेत्र में खनन भूमि के जैविक रिक्लेमेशन और आवासीय परिसर, सड़कों आदि में सामाजिक वनीकरण के तहत कुल मिलाकर क्रमश: 141.35 लाख एवं 87.09 लाख पौधे लगाए गए है।

जैविक रिक्लेमेशन और सामाजिक वनीकरण के तहत लगाए गए प्रजातियाँ नीचे दी गई हैं:
सामान्य नाम सामान्य नाम सामान्य नाम सामान्य नाम
अर्जुन बबूल बोतल ब्रश जंगल जलेबी
इमली हर्रा पलाश सुबबूल
जामुन खैर कांचनार गुलमोहर
महुआ बहेड़ा कदम्ब सिसु
शहतूत अमरजोत सिरीस अमलतास
आंवला बांस टीक --
करंज खामेर / गंभर कैसिया --
नीम आम बेर --
बेल कटहल -- --

वर्ष 2017-18 के मानसून के मौसम में एनसीएल की परियोजनाओं के 163.90 हेक्टेयर अधिभार ढेर एवं 4 .00 हेक्टेयर समतल क्षेत्र में कुल 4.19 लाख पौधों को लगाए जाने का प्रस्ताव है।

31 मार्च 2017 तक कोयला खनन, पाइप लाइनों को बिछाने आदि के लिए परिवर्तित वन भूमि के शुद्ध वर्तमान मूल्य (एनपीवी) के रूप में CAMPA फंड में 98.02 करोड़ रुपए जमा किये गए हैं।

वर्ष 2017 में वन अनुसंधान संस्थान, देहरादून द्वारा "एनसीएल के कोयला खानों में पारिस्थितिक पुनर्स्थापना" पर एक अध्ययन किया गया है ।

वानिकी मंजूरी:

भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय/ संबंधित उo प्रo/ मo प्रo के राज्य सरकारों द्वारा एनसीएल की परियोजनाओं के लिए वनों की मंजूरी (एफसी) प्रदान की गई है। अभी तक, कुल 7918.28 हेक्टेयर वन भूमि को वानिकी मंजूरी दी गई है, जिसमें से कुल 7882.39 हेक्टेयर वन भूमि एनसीएल परियोजनाओं को संबंधित राज्य वन विभागों द्वारा हस्तांतरण प्रदान की जा चुकी है।

परियोजना परिवर्तित वन भूमि (हेक्टेयर) हस्तांतरित वन भूमि (हेक्टेयर) हस्तांतरण किये जाने वाली शेष भूमि (हेक्टेयर)
उत्तर प्रदेश राज्य 2697.52 2690.57 6.95
मध्य प्रदेश राज्य 5220.76 5191.82 28.93
कुल 7918.28 7882.39 35.88

जयंत परियोजना के लिए 100 हेक्टेयर वन भूमि का पट्टा नवीकरण पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के विचाराधीन है।